अवैध खनन पर मधु कोड़ा का बड़ा खुलासा, प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल

News Saga Desk

पश्चिम सिंहभूम। पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा)जिले के नोवामुंडी क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने राज्य सरकार की चुप्पी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कोड़ा ने शनिवार को जानकारी दी कि नोवा मेटल्स कंपनी की ओर से बंद पड़े आयरन माइंस और क्रेशर इकाइयों से अवैध रूप से लोहा एवं आयरन स्लैग निकालकर ओडिशा सहित अन्य राज्यों में अवैध रूप से बेचा जा रहा है।

स्थानीय लोगों और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर कोड़ा ने छानबीन की, जिसके बाद शुक्रवार की देर रात छह ट्रकों में लदे अवैध आयरन स्लैग को नोवामुंडी क्षेत्र में पकड़ा गया। ट्रकों के पास कोई वैध दस्तावेज नहीं थे। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए स्थानीय पुलिस को सूचना दी और ट्रकों को जब्त करवा कर मामले की गंभीरता से प्रशासन को अवगत कराया।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एकमात्र मामला नहीं है। जिले में लगातार बालू, लकड़ी और नशीले पदार्थों की भी तस्करी हो रही है। यह सब क्षेत्र को एक अवैध कारोबार का अड्डा बना रहा है, जिससे कानून-व्यवस्था को गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने झारखंड सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा के दावे करने वाली सरकार अवैध खनन पर मौन क्यों है? जब जनता बंद माइंस को पुनः शुरू करने की मांग कर रही है, तब प्रशासन अवैध गतिविधियों पर आंख मूंदे बैठा है।

कोड़ा ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर भ्रष्टाचार और अवैध खनन के खिलाफ आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा का हर कार्यकर्ता जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करेगा।


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