सरकार से आवास के पैसे लेकर भव्य भवन बनाने वालों पर सख्ती, कई लाभार्थियों को भेजा गया नोटिस

News Saga Desk

रांची। झारखंड में सरकारी आवास के लिए पैसा लेकर भव्य मकान बनाने वालों पर गाज गिरना तय है। प्रशासन ने ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनसे योजना के पैसों की रिकवरी करने की तैयारी शुरू कर दी है। दरअसल, गिरिडीह जिले में कई ऐसे मामले हैं जहां लाभार्थियों ने पीएम आवास योजना और आबुआ आवास योजना का लाभ लेकर 15-20 लाख रुपये की लागत से मकान बनवाया है। दरअसल, गुरुवार को जिलाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा की अध्यक्षता में जिले में जारी कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा बैठक में यह बात सामने आई। इस मामले में डीआरडीए के निदेशक रंथू महतो के नेतृत्व में सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी गंभीर है।

बैठक में पीएम आवास व आबुआ आवास योजना को गति देने पर भी चर्चा की गई। बैठक में यह बात भी सामने ईई है कि सदर प्रखंड में आबुआ आवास योजना के तहत लाभार्थियों को तीसरी किश्त का भी भुगतान किया गया है लेकिन 2 माह बीत जाने के बावजूद करहबारी, खावा, चुंजका, तेलोडीह और उदनाबाद में कई आवास लंबित हैं। अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट मांगी गई है।

बीडीओ गणेश रजक की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा


सदर प्रखंड के बीडीओ गणेश रजक की जांच में तो और भी चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दरअसल, प्रखंड के कुछ पंचायतों में नक्शे के विपरित आवासों का निर्माण किया जा रहा है। ऐसे 12 लोगों को चिन्हित किया गया है जिन्होंने नक्शे से अलग मकान बनवाया है। इनको नोटिस भेजा गया है और संभावना है कि इनसे रकम की रिकवरी भी की जायेगी। गणेश रजक ने कहा कि कुछ ऐसे आवास भी मिले जो लगते ही नहीं कि आबुआ आवास हैं। आबुआ आवास का पैसा लेकर भव्य घर बनाए गये हैं।

सदर प्रखंड में 6400 आबुआ आवास अभी भी पेंडिंग हैं

प्रखंड विकास पदाधिकारी ने जानकारी दी है कि सदर प्रखंड में 2,720 आबुआ आवास स्वीकृत हुए जिनमें से 700 मकान बना लिए गये हैं। अब 4,460 मकान और बनाने का लक्ष्य है। अभी प्रखंड में कुल 6400 आबुआ आवास पेंडिंग हैं। इसे पूरा करने में पूरी टीम लगी है।


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