News Saga Desk
रांची। झारखंड में एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। मंगलवार सुबह ईडी की टीम ने बोकारो वन विभाग के दफ्तर, सीओ कार्यालय, धनबाद और रांची के लालपुर स्थित हरिओम टावर, कांके और हटिया समेत कई इलाकों में छापेमारी की। रांची में यह कार्रवाई एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के दफ्तरों और उससे जुड़े लोगों के आवास पर की गई। ईडी के अधिकारी दस्तावेजों की जांच के साथ पूछताछ भी कर रहे हैं। वहीं, बोकारो के रितुडीह और सेक्टर 3 स्थित आवास, उकरीद स्थित रैयत इजहार हुसैन और अख्तर हुसैन के आवास पर भी ईडी ने रेड की है। बताया जा रहा है कि झारखंड और बिहार में कुल 15 ठिकानों पर यह छापेमारी की गई है। यह रेड बोकारो में सामने आए वन भूमि घोटाले को लेकर की गई है।
धनबाद में भी रेड
ईडी ने धनबाद में रजिस्ट्रार रामेश्वर प्रसाद सिंह के हीरापुर स्थित सरकारी आवास और डीटीओ दिवाकर सी द्विवेदी के झारूडीह स्थित देव बिहार अपार्टमेंट में स्थित निजी फ्लैट की तलाशी ली। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, रजिस्ट्रार पहले बोकारो में तैनात थे। डीटीओ द्विवेदी राजधानी रांची के कांके में सर्कल ऑफिसर (सीओ) के पद पर कार्यरत रह चुके हैं।

यह कार्रवाई एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के दफ्तरों और उससे जुड़े लोगों के आवास पर की गई।
वन विभाग की जमीन गड़बड़ी कर निजी कंपनी को सौंप दी गई
बोकारो जिले के तेतुलिया मौजा में लगभग 100 एकड़ वन भूमि पर अवैध कब्जे और घोटाले का मामला 2022 में सामने आया था। आरोप है कि भू-माफियाओं ने प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से यह जमीन एक निजी कंपनी को सौंप दी। जांच में पता चला कि वर्ष 2013 में चास थाना क्षेत्र के वन विभाग के प्लॉट को पुरानी परती भूमि के रूप में दर्ज कर लिया गया। इसके बाद मुकदमा दायर किया गया। इसके बाद से जांच शुरू हो गई। वहीं, वन भूमि घोटाले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता के निर्देश पर सीआईडी ने भी जांच शुरू कर दी है।
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