News Saga Desk
रांची। गोड्डा जिले में अडाणी पावर लिमिटेड द्वारा स्थापित पावर प्लांट को लेकर विधायक प्रदीप यादव ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इसमें भूमि अधिग्रहण, ऊर्जा नीति के उल्लंघन, कोयला आपूर्ति और स्थानीय हितों की अनदेखी से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए।
प्रमुख बिंदु
भूमि अधिग्रहण में अनियमितताएं
• भूमि अधिग्रहण कानून 2013 का उल्लंघन।
• जमीन की कीमत को 46 लाख रुपये प्रति एकड़ से घटाकर पहले 3.25 लाख और फिर 12.5 लाख प्रति एकड़ किया गया।
राज्य की बिजली आपूर्ति की अनदेखी
• झारखंड ऊर्जा नीति-2012 के तहत राज्य को 25% बिजली देना अनिवार्य था, लेकिन पूरी बिजली बांग्लादेश को देने का समझौता किया गया।
S.P.T. अधिनियम का उल्लंघन
• सार्वजनिक उद्देश्य के लिए आरक्षित भूमि को निजी कंपनी को हस्तांतरित किया गया।
स्थानीय विकास की उपेक्षा
• रैयतों से हुए समझौते के बावजूद स्थानीय लोगों को रोजगार, अस्पताल व स्कूल की सुविधाएँ नहीं दी गईं।
कोयला आपूर्ति में शर्तों का उल्लंघन
• समझौते में ऑस्ट्रेलिया के कोयले से बिजली उत्पादन की बात थी, लेकिन बंगाल व अन्य राज्यों से कोयला लाया गया।
वन, गोचर व श्मशान भूमि का अधिग्रहण
• भूमि के बदले कोई पुनर्वास नहीं किया गया।
सड़क व सिंचाई नहर पर कब्जा
• प्रभावित लोगों को समुचित मुआवजा दिए बिना सड़क व नहर की जमीन अधिग्रहण कर ली गई।
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